बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले योजनाओं की बरसात होने लगी है। मध्यम वर्ग, महिलाएं, छात्र, किसान और युवा—सभी वर्गों के लिए नई-नई योजनाएं लॉन्च की जा रही हैं। महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने में मदद देने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत हो चुकी है। इस योजना के तहत पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपये का भुगतान इसी महीने से शुरू हो जाएगा।
इसी बीच बिहार सरकार की एक और महत्वपूर्ण योजना चर्चा में है, जिसके तहत महिलाओं को 10,000 नहीं बल्कि 10 लाख रुपये तक का लोन दिया जा रहा है। महिलाओं के उद्यम और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सरकार मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के तहत करीब 58 तरह के कामों के लिए बिना ब्याज का ऋण उपलब्ध करा रही है।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि लोन का 50% हिस्सा माफ कर दिया जाएगा। यानी यदि कोई महिला 10 लाख रुपये का लोन लेती है, तो उसे केवल 5 लाख रुपये ही वापस करने होंगे, वह भी बिना किसी ब्याज के। सिर्फ मूलधन लौटाना होगा।
मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना क्या है?
बिहार में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और बेरोजगारी कम करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना लागू की है। इसी के तहत महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान करते हुए मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना शुरू की गई है।
इस योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। महिलाएं इस योजना के जरिए आवेदन कर अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकती हैं। सरकार इसके लिए उन्हें 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसमें से 5 लाख रुपये अनुदान (माफ) कर दिए जाते हैं, जबकि शेष 5 लाख रुपये बिना ब्याज के वापस करने होते हैं।
यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और राज्य में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना का उद्देश्य
- राज्य की बेरोजगार महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना।
- महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सहायता प्रदान करना।
मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना की विशेषताएं
- व्यवसाय शुरू करने और उसे संचालित करने के लिए 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
- इसमें से 5 लाख रुपये (50%) सब्सिडी के रूप में सरकार देती है।
- शेष 5 लाख रुपये बिना किसी ब्याज के वापस करने होते हैं।
- लाभार्थी महिलाओं को कौशल विकास व उद्यमिता प्रशिक्षण भी सरकार की ओर से उपलब्ध कराया जाता है।
मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना की पात्रता
- आवेदिका बिहार की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
- न्यूनतम योग्यता 12वीं पास, इंटरमीडिएट, आईटीआई या पॉलिटेक्निक डिप्लोमा होनी चाहिए।
- आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी आवश्यक है।
- प्रस्तावित व्यवसाय प्रोपराइटरशिप या पार्टनरशिप फर्म के रूप में होना चाहिए।
- यह योजना ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए भी उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया
STEP-1
- आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको रजिस्ट्रेशन करना होगा।
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लॉग इन/पंजीकरण सेक्शन में MMUY विकल्प चुनें।
- एक नई स्क्रीन खुलेगी, जहां आपको अपना आधार नंबर और इच्छित पासवर्ड दर्ज करना होगा।
- इसके बाद Login पर क्लिक करें और मांगी गई जानकारी भरें।
- आपकी स्क्रीन पर रजिस्ट्रेशन फॉर्म दिखाई देगा, जिसे ध्यानपूर्वक भरें।
- सभी विवरण भरने के बाद फॉर्म को सबमिट कर दें।
STEP-2
- रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद पोर्टल पर लॉगिन करें।
- डैशबोर्ड पर आपको आवेदन फॉर्म दिखाई देगा।
- इस फॉर्म में मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना का विकल्प चुनें।
- मांगी गई सभी जानकारियां भरें और सबमिट पर क्लिक करें।
- अंत में Acknowledgement Slip डाउनलोड करें और उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज
- जन्म तिथि सहित 10वीं का प्रमाण पत्र
- 12वीं पास का प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि हो)
- पासपोर्ट साइज फोटो
